By joining the party, a big leader of Pal fraternity will get benefits in the entire state, Rajaram will claim in the assembly | पाल बिरादरी का बड़ा नेता पार्टी में शामिल होने से सपा को पूरे प्रदेश में मिलेगा लाभ, विधानसभा में दावेदारी करेंगे राजाराम

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कानपुरएक घंटा पहले

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पूर्व सांसद राजाराम पाल के सपा में शामिल होने के बाद अखिलेश यादव के साथ। - Dainik Bhaskar

पूर्व सांसद राजाराम पाल के सपा में शामिल होने के बाद अखिलेश यादव के साथ।

कांग्रेसी नेता राजाराम पाल को लेकर दैनिक भास्कर की भविष्यवाणी सच हुई। आज से ठीक दो महीने पहले दैनिक भास्कर ने खबर प्रकाशित करते हुए बताया था कि पूर्व सांसद राजाराम पाल कांग्रेस पार्टी छोड़कर सपा में शामिल होंगे। लखनऊ में सोमवार को रामराम समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव से मिले और सपा में शामिल हुए। इसकी जानकारी उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से दी है।
पाल बिरादरी के नेता की सपा में थी दरकार, विधानसभा में मिलेगा फायदा
कानपुर के बर्रा दो यादव मार्केट चौराहा के पास रहने वाले पूर्व सांसद व कांग्रेसी नेता राजाराम पाल ने बहुजन समाज पार्टी से राजनीति में कदम रखा था। इसके बाद कांग्रेस और अब समाजवादी पार्टी में शामिल हुए हैं। कानपुर से सपा की विजय रथ यात्रा निकलने के ठीक एक दिन पहले लखनऊ में अखिलेश यादव से मिले और पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है। विजय रथ यात्रा के दौरान कानपुर नौबस्ता बाईपास चौराहा पर अखिलेश यादव जन सभा को संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि इस दौरान सपा के मुखिया उन्हें पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराएंगे। इसके बाद राजाराम सपा की विजय रथ यात्रा में शामिल होंगे। राजनैतिक जानकारों की मानें तो अभी तक सपा में पाल बिरादरी का कोई बड़ा नेता नहीं था। इसके चलते उन्हें पार्टी में स्थान दिया गया है। वह रनिया अकबरपुर से विधानसभा चुनाव लड़ने की भी तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद अकबरपुर से लोकसभा चुनाव में अपनी दावेदारी ठोकेंगे।

राजाराम पाल के राजनैतिक कॅरियर पर एक नजर
राजाराम पाल सबसे पहले 1996 में घाटमपुर विधानसभा से बसपा के टिकट पर विधायक बने थे। बसपा से 2004 में बिल्हौर लोकसभा (अब अकबरपुर) से सांसद चुने गए। 2005 में कोबरापोस्ट के स्टिंग ऑपरेशन दुर्योधन में पाल को संसद में प्रश्न पूछने में रिश्वत के वीडियो के बाद बसपा से निकाल दिया गया था। 2007 में उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। 2009 में कांग्रेस से उन पर भरोसा जताते हुए अकबरपुर सीट से टिकट दिया और वह सांसद चुने गए। 2014 लोकसभा, 2017 में महराजपुर विधानसभा फिर 2019 में अकबरपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी बने पर हार का सामना करना पड़ा।

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