DAP fertilizers being sold to Rajasthani customers by entering Aadhaar card without land, black marketing increased farmers’ concern | बिना जमीन वालों के आधार कार्ड की एंट्री करके राजस्थानी ग्राहकों को बेचा जा रहा डीएपी खाद, कालाबाजारी ने बढ़ाई किसानों की चिंता

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नांगल चौधरी2 घंटे पहले

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नारनौल में डीएपी खाद खरीदने को लाइन में लगे किसान। - Dainik Bhaskar

नारनौल में डीएपी खाद खरीदने को लाइन में लगे किसान।

पुलिस डाल-डाल तो चोर पात-पात। यह कहावत डीएपी विक्रेताओं पर सटीक साबित हो रही है, क्योंकि कई दुकानदारों ने बिना जमीन वाले नागरिकों के आधार कार्ड की एंट्री करके राजस्थान के ग्राहकों को खाद बेचना शुरू कर दिया। अब आलम ये है कि स्थानीय किसानों को एक-एक बैग के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। परेशान लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी डीएपी वितरण कराने की गुहार लगाई है।

नांगल चौधरी-निजामपुर के विभिन्न गांवों में 1.60 लाख एकड़ कृषि योग्य जमीन है। बारिश की अधिकता के चलते अबकी बार खेतों में नमी की कमी नहीं। दूसरी ओर बाजार में सरसों के भाव अच्छे हैं और इस फसल को अधिक सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ती। इसलिए अधिकतर किसानों ने संपूर्ण रकबे पर सरसों की बीजाई करने की योजना बनाई है।

योजना के मुताबिक उन्होंने खेतों की जुताई प्रक्रिया कंप्लीट कर दी। अब सरसों की बीजाई से पहले डीएपी खाद की जरूरत पड़ेगी, जिसकी खरीददारी करने के लिए दुकानदार बाजार में पहुंच रहे हैं, लेकिन स्थानीय किसानों से पहले राजस्थानी ग्राहक अलर्ट हो गए। उन्होंने कुछ दुकानदारों से संपर्क करके बिना जमीन वाले नागरिकों से खाद खरीदना शुरू कर दिया। तीन दिन पहले नांगल चौधरी में 3-4 विक्रेताओं के पास डीएपी की सप्लाई पहुुंची है, जिनमें कुछ दुकानदारों ने पीओएस मशीन में कंप्लीट बिक्री कर दी, जबकि उनका डीएपी नजदीकी गोदाम में जमा होने की चर्चाएं हैं। देर रात पूरा डीएपी राजस्थान के ग्राहकों को बेच दिया गया है।

एक डीलर ने पारदर्शिता पूर्वक वितरण किया है, लेकिन बैग कम होने के कारण आपूर्ति संभव नहीं हुई। रविवार शाम शहर में डीएपी का स्टॉक निल हो चुका है, जबकि अगले 4-5 दिन तक डीएपी का रैक लगने के आसार नहीं हैं। कृषि विभाग के अनुसार 15-20 अक्टूबर से सरसों की बीजाई आरंभ हो जाएगी।

इससे पहले खेत में डीएपी की बीजाई करनी अनिवार्य है। बाजार में उपलब्ध नहीं होने के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पीओएस मशीन में किसान और मोबाइल नंबरों का मिलान करने पर भंडाफोड़ संभव : सूत्रों की मानें तो कई चालाक दुकानदारों ने पीओएस मशीन में आधार कार्ड के अनुसार किसान की एंट्री कर दी, लेकिन एड्रेस व मोबाइल नंबर गलत भर दिए। इस फर्जीवाड़े से दो बैग खरीदने वाले किसानों के खाते में 10 बैग एंट्री कर दिए। मोबाइल नंबर दूसरे होने के कारण संबंधित किसान को धांधली की भनक भी नहीं लगेगी। पीओएस में पंजीकृत कई ग्राहकों के पास जमीन नहीं और ना ही खेतीबाड़ी करते हैं, बावजूद उन्होंने 10-15 बैग खरीद लिए। जांच होने पर बड़ा घोटाला उजागर हो सकता है।

पीओएस मशीन में फर्जीवाड़ा गंभीर मामला, जांच करेंगे

कृषि विभाग के क्यूसीआई डॉ. संजय यादव ने बताया कि विक्रेताओं को आधार कार्ड पर निर्धारित बैग डीएपी देने की हिदायत है। कई दुकानदारों द्वारा पीओएस मशीन में गलती एंट्री करके धांधली करना गंभीर मामला है। संदिग्ध दुकानदारों की पीओएस मशीन कब्जे में लेकर जांच की जाएगी। पुष्टि होने पर लाइसेंस कैंसिल करने के साथ केस दर्ज कराया जाएगा।

हिसार में लगेगा डीएपी का रैक, जिले को मिलेंगे दो हजार बैग : हैफेड के डीएम आरके शर्मा ने बताया कि डीएपी की किल्लत से किसान परेशान हैं। मंगलवार को हिसार में रैक लगेगा, जिससे महेंद्रगढ़ जिले को दो हजार बैग मिलेंगे। वितरण के लिए चारों मार्केटिंग सोसायटी को सप्लाई दी जाएगी। अन्य रैकों की अभी कोई सूचना नहीं मिली है।

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