In Rohtak-Jhajjar, fraud in the name of recruiting 22 posts of peons in the bank, the clerk is also absent in the bank since April | बैंक में चपरासी के 22 पदों पर निकली भर्ती ; साठगांठ से नौकरी लगवाने का झांसा देकर लिए रुपए, अप्रैल से खुद ही हो गया फरार

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रोहतक15 घंटे पहले

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रोहतक पीएनबी बैंक में कार्यरत क्लर्क पर नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपए ठगी के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले की शिकायत पीड़ितों ने एसपी को दी है। एसपी ने मामले की जांच इकोनोमिक सेल को सौंप दी है। इकोनोमिक सेल शिकायत के आधार पर गंभीरता से जांच कर रही है। शिकायत के अनुसार, रोहतक और झज्जर जिले में चपरासी के 22 पदों के लिए बैंक में भर्ती निकली। क्लर्क ने झांसा दिया कि इन पदों पर सीधे इंटरव्यू होकर भर्ती होनी है। उसकी उच्च अधिकारियों के साथ अच्छी साठगांठ है। वह नौकरी लगवा सकता है। ऐसा कहकर उसने 19 लाख रुपए ले लिए।

केस एकः 31 मार्च 2021 तक लग जाएगी नौकरी, ले गया 3 से 10 लाख

माड़ौदी जाटान गांव के रहने वाले सुरेंद्र ने बताया कि पिछले साल वह रोहतक के घनीपुरा निवासी एक व्यक्ति के संपर्क में आया था। जिसने खुद को पंजाब नेशनल बैंक के सर्कल ऑफिस में क्लर्क बताया था। इसी दौरान रोहतक और झज्जर जिले में चपरासी के 22 पदों के लिए बैंक में भर्ती निकली। क्लर्क ने झांसा दिया कि इन पदों पर सीधे इंटरव्यू होकर भर्ती होनी है। उसकी उच्च अधिकारियों के साथ अच्छी साठगांठ है। वह नौकरी लगवा सकता है। क्लर्क ने एक व्यक्ति को लगवाने के लिए 5 लाख मांगे। झांसे में आकर सुरेंद्र ने अपने परिवार के प्रियव्रत और मायना गांव के तेजपाल की नौकरी लगवाने की बात कही। आरोपी ने आश्वासन दिया कि 31 मार्च 2021 तक नौकरी लग जाएगी और दोनों के 10 लाख रुपए ले लिए। इस अवधि में नौकरी नहीं लगने पर सुरेंद्र ने रुपए वापस मांगे तो आरोपी ने अप्रैल से बैंक में आना ही बंद कर दिया और फरार हो गया। तब सुरेंद्र ने बैंक अधिकारियों के साथ-साथ पुलिस को भी मामले की शिकायत दी। बैंक की तरफ से भी उसे नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

केस दोः जमापूंजी भी गई, बैंक का ब्याज भी चुकाना पड़ रहा

बैंक क्लर्क ने अपना दूसरा शिकार इंद्रा कॉलोनी निवासी राहुल को बनाया, जो फिलहाल कृष्णा कॉलोनी में रहता है। क्लर्क ने राहुल को झांसा दिया कि वह तीन लोगों की नौकरी लगवा देगा। इसके एवज में 7-7 लाख रुपए लगेंगे। क्लर्क के झांसे में आकर राहुल ने तीन लोगों की नौकरी लगवाने के लिए उसके साथ बातचीत कर ली। क्लर्क को रुपए देने के लिए राहुल ने अपनी दादी से कहकर एफडी तुड़वाई, लेकिन फिर भी रकम पूरी नहीं हुई तो उसने बैंक से लोन लिया। लोन लेकर तीनों के नाम से करीब 9 लाख रुपए क्लर्क को थमा दिए। बाकी रकम नौकरी लगने के बाद देना तय हुआ। पीड़ित का कहना है कि न तो नौकरी लगी और न ही अब रुपए वापस मिल रहे। स्थिति यह बन गई है कि जमापूंजी भी गई और बैंक का ब्याज अलग से देना पड़ रहा है।

चपरासी से प्रमोट होकर बनाया था क्लर्क

खास बात यह है जिस क्लर्क पर लोगों से रकम ठगने का आरोप है कि वह खुद चपरासी के पद पर भर्ती हुआ था। ठगी करने से कुछ माह पहले ही क्लर्क के पद पर उसका प्रमोशन हुआ था। आरोपी ने इसी बात का फायदा उठाया। पीड़ितों को भी वह उदाहरण देता था कि बैंक में चपरासी की नौकरी बहुत अच्छी होती है। वह खुद भी चपरासी के पद पर भर्ती हुआ था, लेकिन बाद में क्लर्क बन गया। आरोपी ने उन्हें इतने सपने दिखा दिए कि वह भी उसकी बातों में आ गए और ठगी का शिकार हो गए।

आरोपी फिलहाल फरार, की जा रही तलाश

मामले की जांच कर रहे अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि जिस क्लर्क पर आरोप हैं, वह पंजाब नेशनल बैंक सर्कल ऑफिस में काम करता था, लेकिन फिलहाल फरार है। उसके पकड़ में आ जाने के बाद ही मामले की अनेकों परतों से पर्दा उठेगा।

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