Uttarakhand Government Will Give 2500 Rupees Every Month For Five Years To 100 Topper Students Of Class 12th – 12वीं के छात्र-छात्राओं के लिए मौका: पढ़ाई में मन लगाइए, सरकार से हर महीने 2500 रुपये पाइए

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Sat, 09 Oct 2021 02:00 AM IST

सार

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सुझाव दिया कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों के 12वीं के सौ टॉपर छात्रों को अगले पांच साल तक 2500 रुपये उच्च शिक्षा की पढ़ाई के लिए दिए जाएं।

स्कूल में पढ़ते छात्र
– फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

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उत्तराखंड शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों के 12वीं के 100 टॉपर छात्र-छात्राओं को पांच साल तक हर महीने 2500 रुपये देने की तैयारी कर रहा है। उच्च शिक्षा की पढ़ाई के लिए उन्हें यह धनराशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में 21 सितंबर को हुई बैठक का शासन ने इसका कार्यवृत्त जारी किया है। बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सुझाव दिया कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों के 12वीं के सौ टॉपर छात्रों को अगले पांच साल तक 2500 रुपये उच्च शिक्षा की पढ़ाई के लिए दिए जाएं।

इसमें 70 बच्चे उत्तराखंड बोर्ड और 30 सीबीएसई बोर्ड के शामिल किए जाएं। इसके अलावा संकल्प अभियान के तहत आईएएस और पीसीएस अधिकारी महीने में एक दिन स्वेच्छा से स्कूूूलों में जाकर बच्चों को पढ़ाएं। टॉपर बच्चों को धनराशि दिए जाने के संबंध में निदेशक माध्यमिक शिक्षा को कार्यवाही के निर्देश दिए गए।  

सैनिक स्कूल के बजट पर असमर्थता 
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में सैनिक स्कूल जखोली के निर्माण के संबंध में बताया गया कि इसकी डीपीआर बनायी जा चुकी है, लेकिन केंद्र सरकार के द्वारा इसके निर्माण के लिए बजट उपलब्ध कराने के संबंध में असमर्थता जताई गई है। बैठक में अपर मुख्य सचिव ने कहा कि सैनिक स्कूल का निर्माण राज्य हित में किया जाना चाहिए। प्रस्तावित डीपीआर के अनुमोदन एवं स्वीकृति की कार्यवाही शुरू की जाए। इसके लिए बजट की व्यवस्था राज्य स्तर से की जाए। जबकि बजट के लिए केंद्र सरकार से एक बार फिर अनुरोध किया जाए।

निर्माण कार्यों के लिए तय हो जिम्मेदारी
बैठक में शिक्षा विभाग में कराए जाने वाले निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के लिए प्रधानाचार्य, खंड शिक्षा अधिकारी के साथ ही एसएमसी, एसएमडीसी, पीटीए और मुख्य शिक्षा अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई। बैठक में निर्देश दिया गया कि राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा इस संबंध में कार्यवाही करेंगे।

सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतें निपटाने के निर्देश 
बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में लंबित प्रकरणों को निपटाने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि अधिकतर मामले सेवा से संबंधित हैं। शिकायतों को श्रेणीवार अलग-अलग कर उन्हें निपटाया जा रहा है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार कार्य पर जोर 
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में हर स्कूल में पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आंगनबाड़ी के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की व्यवस्था के अनुसार समन्वय न करते हुए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक करने को कहा गया। शिक्षा महानिदेशक को इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। 

पदोन्नति के लिए सेवा शर्तों में एक बार मिलेगी छूट 
शासन में हुई बैठक में स्कूलों में प्रधानाचार्यों के खाली पदों के संबंध में कहा गया कि इन पदों को भरने के लिए सेवा शर्तों में एक बार छूट दी जाए। निदेशक माध्यमिक शिक्षा को इस संबंध में कार्यवाही के निर्देेश दिए गए। बैठक में सीएम ने बच्चों को कंप्यूटर और अंग्रेजी के शिक्षण व्यवस्था के भी निर्देश दिए।

स्थिति में सुधार करने के निर्देश 
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में सरकारी स्कूलों में घटती छात्र संख्या एवं बच्चों के संप्राप्ति स्तर (लर्निंग लेवल) कम होने पर चिंता जताते हुए स्थिति में सुधार के निर्देश दिए गए। बैठक में यह भी कहा गया कि कम छात्र संख्या वाले स्कूलों का एकीकरण किया जाएगा।

विस्तार

उत्तराखंड शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों के 12वीं के 100 टॉपर छात्र-छात्राओं को पांच साल तक हर महीने 2500 रुपये देने की तैयारी कर रहा है। उच्च शिक्षा की पढ़ाई के लिए उन्हें यह धनराशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में 21 सितंबर को हुई बैठक का शासन ने इसका कार्यवृत्त जारी किया है। बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सुझाव दिया कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों के 12वीं के सौ टॉपर छात्रों को अगले पांच साल तक 2500 रुपये उच्च शिक्षा की पढ़ाई के लिए दिए जाएं।

इसमें 70 बच्चे उत्तराखंड बोर्ड और 30 सीबीएसई बोर्ड के शामिल किए जाएं। इसके अलावा संकल्प अभियान के तहत आईएएस और पीसीएस अधिकारी महीने में एक दिन स्वेच्छा से स्कूूूलों में जाकर बच्चों को पढ़ाएं। टॉपर बच्चों को धनराशि दिए जाने के संबंध में निदेशक माध्यमिक शिक्षा को कार्यवाही के निर्देश दिए गए।  

सैनिक स्कूल के बजट पर असमर्थता 

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में सैनिक स्कूल जखोली के निर्माण के संबंध में बताया गया कि इसकी डीपीआर बनायी जा चुकी है, लेकिन केंद्र सरकार के द्वारा इसके निर्माण के लिए बजट उपलब्ध कराने के संबंध में असमर्थता जताई गई है। बैठक में अपर मुख्य सचिव ने कहा कि सैनिक स्कूल का निर्माण राज्य हित में किया जाना चाहिए। प्रस्तावित डीपीआर के अनुमोदन एवं स्वीकृति की कार्यवाही शुरू की जाए। इसके लिए बजट की व्यवस्था राज्य स्तर से की जाए। जबकि बजट के लिए केंद्र सरकार से एक बार फिर अनुरोध किया जाए।

निर्माण कार्यों के लिए तय हो जिम्मेदारी

बैठक में शिक्षा विभाग में कराए जाने वाले निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के लिए प्रधानाचार्य, खंड शिक्षा अधिकारी के साथ ही एसएमसी, एसएमडीसी, पीटीए और मुख्य शिक्षा अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई। बैठक में निर्देश दिया गया कि राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा इस संबंध में कार्यवाही करेंगे।

सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतें निपटाने के निर्देश 

बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में लंबित प्रकरणों को निपटाने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि अधिकतर मामले सेवा से संबंधित हैं। शिकायतों को श्रेणीवार अलग-अलग कर उन्हें निपटाया जा रहा है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार कार्य पर जोर 

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में हर स्कूल में पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आंगनबाड़ी के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की व्यवस्था के अनुसार समन्वय न करते हुए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक करने को कहा गया। शिक्षा महानिदेशक को इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। 

पदोन्नति के लिए सेवा शर्तों में एक बार मिलेगी छूट 

शासन में हुई बैठक में स्कूलों में प्रधानाचार्यों के खाली पदों के संबंध में कहा गया कि इन पदों को भरने के लिए सेवा शर्तों में एक बार छूट दी जाए। निदेशक माध्यमिक शिक्षा को इस संबंध में कार्यवाही के निर्देेश दिए गए। बैठक में सीएम ने बच्चों को कंप्यूटर और अंग्रेजी के शिक्षण व्यवस्था के भी निर्देश दिए।

स्थिति में सुधार करने के निर्देश 

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में सरकारी स्कूलों में घटती छात्र संख्या एवं बच्चों के संप्राप्ति स्तर (लर्निंग लेवल) कम होने पर चिंता जताते हुए स्थिति में सुधार के निर्देश दिए गए। बैठक में यह भी कहा गया कि कम छात्र संख्या वाले स्कूलों का एकीकरण किया जाएगा।

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